ग्वालियर05मई2026। जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य तेजी से जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने मंगलवार को शहर के न्यू दर्पण कॉलोनी क्षेत्र में चल रहे जनगणना कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल प्रगणकों की कार्यप्रणाली देखी, बल्कि स्वयं एक घर में पहुंचकर अपनी मौजूदगी में ऑनलाइन गणना की प्रक्रिया संपन्न कराई।
मैदान में उतरीं कलेक्टर, प्रक्रिया का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती चौहान न्यू दर्पण कॉलोनी स्थित मकान नम्बर एमआईजी-1362 पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रगणक नीलम राजपूत के साथ मिलकर गृहस्वामी दिनेश कुमार शर्मा के परिवार की ऑनलाइन प्रविष्टि कराई। इस दौरान एसडीएम अतुल सिंह भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने प्रगणक नीलम राजपूत और बृजेश द्वारा तैयार किए गए नजरी-नक्शे का बारीकी से अवलोकन किया और अब तक हुए कार्य की प्रगति जानी।
34 बिंदुओं पर संकलित हो रही है डिजिटल जानकारी
1 मई से शुरू हुआ जनगणना का यह प्रथम चरण 30 मई तक चलेगा। प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल एप “Census 2027-HLO” के माध्यम से 34 विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटा रहे हैं। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, मकान की स्थिति, पेयजल व प्रकाश के स्रोत, शौचालय की सुविधा, रसोई गैस कनेक्शन, इंटरनेट व वाहनों की उपलब्धता और परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले अनाज जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल हैं।
प्रगणकों को निर्देश: ओवरलेपिंग न हो, सेहत का भी रखें ध्यान
कलेक्टर ने प्रगणकों को सख्त निर्देश दिए कि एचएलबीसी पोर्टल पर किसी भी प्रकार की ओवरलेपिंग (डेटा का दोहराव) नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भौगोलिक सीमाओं के आधार पर सटीक जानकारी भरी जाए। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने प्रगणकों को अपने साथ पानी, ओआरएस और गमछा रखने की सलाह भी दी ताकि वे लू से बच सकें।
जनता से अपील: गोपनीय रहेगी आपकी जानकारी
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि:
- जनगणना का डेटा पूरी तरह गोपनीय रहता है।
- इसका उपयोग किसी भी कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता।
- यही आंकड़े भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और संसाधनों के वितरण का आधार बनते हैं।
सत्यापन की बहुस्तरीय प्रक्रिया: प्राप्त आंकड़ों की जांच पहले पर्यवेक्षकों द्वारा की जाएगी, जिसके बाद चार्ज अधिकारी भी फील्ड में जाकर पुन: सत्यापन करेंगे ताकि त्रुटि की कोई गुंजाइश न रहे।





