मकान बनाना हुआ और आसान! अब नहीं लगाने होंगे एनओसी के चक्कर, नगरीय विकास विभाग ने लागू किए नए नियम

ग्वालियर31.07.2026 नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा (अनुमति) प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब भवन निर्माण अनुज्ञा प्रकरणों में विभिन्न विभागों से अनावश्यक रूप से मांगे जाने वाले अनापत्ति प्रमाण-पत्रों (एनओसी) की बाध्यता समाप्त या तर्कसंगत कर दी गई है। इस निर्णय से आम नागरिकों, डेवलपर्स और निवेशकों को प्रक्रियागत विलंब से बड़ी राहत मिलेगी तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, नहीं देनी होगी हार्ड कॉपी

नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी। आवेदन, नक्शे और अन्य दस्तावेजों की केवल डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी और किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी द्वारा स्वयं आवेदन करने पर ऑनलाइन शपथ-पत्र लिया जाएगा, जबकि कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन करने पर हस्ताक्षरित शपथ-पत्र अपलोड करना होगा।

जीआईएस सत्यापन से तय होगी एनओसी की जरूरत

विभाग ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) तथा विरासत (Heritage) क्षेत्रों से संबंधित एनओसी की आवश्यकता अब केवल उन्हीं मामलों में होगी, जहां ऑनलाइन प्रणाली में जीआईएस आधारित सत्यापन के दौरान भूखंड प्रभावित या प्रतिबंधित क्षेत्र में पाया जाएगा। इसके अलावा सहकारिता, गृह निर्माण सहकारी समितियों, विद्युत तथा नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई प्रकार की अनापत्तियों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।

21 दिन की समयसीमा तय

रक्षा प्रतिष्ठानों, गृह निर्माण मंडल और विकास प्राधिकरणों से संबंधित मामलों में आवेदकों को स्वयं एनओसी लाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के 7 दिन के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा, जिस पर विभाग को 21 दिनों में जवाब देना होगा। निर्धारित समय में उत्तर न मिलने पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई कर दी जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित क्षेत्रफल के आधार पर ही पर्यावरणीय स्वीकृति, वास्तविक कटाई की स्थिति में वृक्ष कटाई अनुमति तथा एनबीसी के नियमों के तहत अग्निशमन एनओसी की व्यवस्था लागू की गई है।

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