ग्वालियर15मई2026।गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक के तृतीय तल स्थित स्मार्ट क्लास में शुक्रवार सुबह महिला सशक्तिकरण एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ उपस्थित रहे।
निर्णय लेने की सक्षमता ही वास्तविक सशक्तिकरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धाकड़ ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल नौकरी करना या आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना नहीं है, बल्कि वास्तविक सशक्तिकरण तब माना जाएगा जब महिलाएं अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा, करियर, विवाह, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े फैसले बिना किसी डर, दबाव या अपराधबोध के लेना ही सशक्त समाज की पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आत्मविश्वास के साथ ना कह पाना भी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम की शुरुआत में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी जलज ने अधिष्ठाता को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
छात्रों ने पूछे तीखे सवाल और विशेषज्ञों ने दिए टिप्स
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन हुआ जिसमें यूजी, पीजी और नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण और मेंटल हेल्थ से जुड़े कई तीखे और महत्वपूर्ण सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने के टिप्स दिए। इस अवसर पर डॉ. अजीत सिंह राजपूत, मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्योति प्रियदर्शनी, डॉ. मनीष चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक और सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नाटक के जरिए दिया मानसिक स्वास्थ्य का संदेश
मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने के लिए मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में उनके विभाग द्वारा एक प्रेरक नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से समाज में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को बखूबी दर्शाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर ही समाज की मुख्यधारा में बेहतर योगदान दिया जा सकता है।





