शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा होगी समाप्त: CM डॉ. मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला,2001 से चली आ रही दो बच्चों की बाध्यता वाले प्रावधान को हटाने के निर्देश

भोपाल09जून2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम में शासकीय नौकरी के लिए दो बच्चों की अधिकतम सीमा संबंधी प्रावधान वाले प्रस्तावित प्रारूप नियम को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही इस प्रारूप को आधिकारिक पोर्टल से तत्काल विलोपित करने (हटाने) के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

वर्ष 2001 से लागू थी यह व्यवस्था

गौरतलब है कि वर्ष 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार के निर्णय के बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यह नियम बनाया गया था। इसके तहत दो से अधिक जीवित संतान होने पर उम्मीदवारों को शासकीय सेवाओं की सीधी भर्ती और विभागीय नियुक्तियों के लिए अपात्र घोषित करने का प्रावधान था। वर्ष 2001 की इस प्रचलित व्यवस्था के अनुसार मध्यप्रदेश Civil Services (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवार शासकीय सेवा के लिए अपात्र माने जाते थे। इसके अलावा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत शासकीय सेवक के दो से अधिक बच्चे होने को कदाचार की श्रेणी में रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर दिए संशोधन के निर्देश

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद संज्ञान लिया और सामान्य प्रशासन विभाग को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के इस प्रारूप को तत्काल निरस्त किया जाए और उसमें दो से अधिक जीवित संतान होने पर शासकीय सेवा में अपात्र माने जाने संबंधी प्रावधानों को पूरी तरह से विलोपित (हटाया) किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब इस बाध्यता को हटाकर पुनः विधिवत नवीन प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा और वर्तमान में अपलोड किए गए प्रारूप को तत्काल पोर्टल से हटा दिया गया है।

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