शहडोल19मई2026 शहडोल जिले को नशे के जाल से मुक्त कराने के लिए पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव द्वारा छेड़ी गई मुहिम अब बड़े बदलाव की गवाह बन रही है। वर्ष 2024 के मध्य में कार्यभार संभालने के बाद एसपी रामजी श्रीवास्तव ने जिस तरह से सूचना तंत्र को सक्रिय किया, उसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 और 2026 के आंकड़ों ने पिछले वर्षों के तमाम रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।
स्मैक के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’: 2023 के मुकाबले 2026 में 800% से ज्यादा की बढ़त अगर तुलनात्मक विश्लेषण करें तो साल 2023 तक जिले में स्मैक की बरामदगी न के बराबर (मात्र 3.54 ग्राम) थी। लेकिन एसपी रामजी श्रीवास्तव के कमान संभालते ही इसमें अभूतपूर्व तेजी आई। वर्ष 2025 में जहाँ 22.61 ग्राम स्मैक जब्त हुई, वहीं साल 2026 के शुरुआती 5 महीनों में ही यह आंकड़ा 29.39 ग्राम तक पहुँच गया है। यह दर्शाता है कि पुलिस अब केवल छोटे पैडलर्स ही नहीं, बल्कि स्मैक के बड़े सिंडिकेट की जड़ों पर प्रहार कर रही है।
गांजा और नशीली दवाओं की बरामदगी में 2025 रहा ‘गोल्डन ईयर’ वर्ष 2020 से 2024 की तुलना में वर्ष 2025 शहडोल पुलिस के लिए सबसे सफल वर्ष साबित हुआ है। जहाँ 2020-22 के दौरान गांजे की बरामदगी का औसत लगभग 1400 किलो के आसपास था, वहीं वर्ष 2025 में कप्तान की रणनीति से 4,315 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया, जो पिछले सालों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। इसी तरह नशीली दवाओं (सिरप/टैबलेट) की बरामदगी जहाँ पहले 5 से 15 हजार नग के बीच सिमट जाती थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 49,801 नग के पार पहुँच गया।
सख्त नेतृत्व का असर: जेल जा रहे तस्कर, घोषित हो रहे इनाम एसपी रामजी श्रीवास्तव की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने न केवल माल जब्त किया, बल्कि आरोपियों की धरपकड़ भी तेज की। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 127 आरोपियों को जेल भेजा गया। वर्तमान में भी पुलिस का खौफ इस कदर है कि शातिर अपराधी फरार चल रहे हैं, जिन पर कप्तान ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है। 18 मई 2026 तक के आंकड़े यह साफ कर रहे हैं कि शहडोल पुलिस अब नशे के कारोबारियों के लिए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा चुकी है।
जनता का बढ़ता भरोसा पुलिस अधीक्षक की इस प्रभावी कार्यवाही ने आम जनता के बीच पुलिस की छवि को और मजबूत किया है। रामजी श्रीवास्तव के नेतृत्व में शहडोल पुलिस अब केवल अपराध दर्ज नहीं कर रही, बल्कि जिले की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से निकालने के लिए एक निर्णायक युद्ध लड़ रही है। एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहडोल में नशे का काला कारोबार करने वालों का अंजाम केवल जेल की सलाखें होंगी।





