ग्वालियर01जून2026 उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ (कुंभ) मेले की सुरक्षा और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस ने अभी से कमर कस ली है। इसी कड़ी में ग्वालियर पुलिस लाइन में आज से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का भव्य शुभारंभ हुआ। ग्वालियर जोन के पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। यह प्रशिक्षण अभियान 1 जून से दिसंबर 2026 तक कुल 20 सत्रों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के प्रत्येक पुलिसकर्मी को भीड़ प्रबंधन, शाही स्नान सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के वैज्ञानिक तरीकों पर फोकस
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था, घाटों पर प्रबंधन और अखाड़ों की पेशवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पुलिस बल का मानसिक और शारीरिक रूप से दक्ष होना अनिवार्य है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने क्राउड कंट्रोल को एक वैज्ञानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा का दायित्व पुलिस पर होता है, जिसमें चूक की कोई गुंजाइश नहीं होती। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिसकर्मियों को पूर्व के आयोजनों की चुनौतियों से सीख लेने और नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसकर्मी घटाएंगे तनाव
प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक खास विशेषता पुलिसकर्मियों का मानसिक स्वास्थ्य भी है। नोडल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमन गुर्जर ने बताया कि चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के दौरान होने वाले तनाव को कम करने के लिए प्रशिक्षण में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को भी शामिल किया गया है। सत्र के शुभारंभ पर अधिकारियों और कर्मचारियों को ध्यान का अभ्यास कराया गया। उन्होंने बताया कि नियमित ध्यान से न केवल पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि उनमें सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता का भी विकास होगा। इस पूरे अभियान के लिए मास्टर ट्रेनर्स उज्जैन से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे हैं, जो अब ग्वालियर जिले के पुलिस बल को प्रशिक्षित करेंगे।





