ग्वालियर23जनवरी2026। शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास के तत्वाधान में आयोजित चतुर्थ सर्वजातीय निःशुल्क विवाह एवं निकाह सामूहिक समारोह ने आज ग्वालियर में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की परिकल्पना को साकार कर दिया। जीवायएमसी क्लब से जब अचलेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना कर 51 दूल्हों की सामूहिक बारात निकली, तो पूरा शहर पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से सराबोर हो गया। हजारों बारातियों के जनसैलाब और भव्य व्यवस्थाओं ने इस आयोजन को किसी राजशाही उत्सव जैसा बना दिया।
51 घोड़ों पर सवार दूल्हे और पुष्पवर्षा से लाल हुईं सड़कें
प्रातः 11 बजे अचलेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई बारात में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ विधायक सतीश सिकरवार और पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ‘नीटू’ पैदल चलते हुए बारातियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। शहरवासियों ने 51 से अधिक स्थानों पर बारात का भव्य स्वागत किया। छतों से इतनी पुष्पवर्षा हुई कि सड़कें फूलों से लाल नजर आने लगीं। बारातियों के लिए जगह-जगह ठण्डाई, दूध और जलपान की व्यवस्था की गई थी।

जनकपुरी में शाही स्वागत और ई-स्कूटी का उपहार
विवाह स्थल ‘जनकपुरी’ पहुँचने पर विधायक सतीश सिकरवार ने स्वयं दूल्हों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि सतीश सिकरवार ने सभी 51 बहनों को गृहस्थी के सामान (फ्रिज, कूलर, अलमारी, जेवर) के साथ-साथ ई-व्हीकल स्कूटी और हेलमेट भेंट किए। आयोजन की भव्यता देख दूल्हे और उनके परिजन भी भावविभोर थे, उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था तो संपन्न परिवारों की शादियों में भी दुर्लभ है।

दिग्गज राजनेताओं और संतों का मिला आशीर्वाद
भव्य मंच पर जडेरूआ सरकार, ढोली बुआ महाराज और शहरकाजी अब्दुल अजीज कादरी सहित कई प्रमुख संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, पी.सी. शर्मा और ग्वालियर महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। जीतू पटवारी ने सतीश सिकरवार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज के लिए एक महान प्रेरणा है।

सतीश सिकरवार का संकल्प: 501 कन्याओं का कराएंगे विवाह
मंच से संबोधित करते हुए विधायक सतीश सिकरवार ने कहा, “यह मेरा चौथा सम्मेलन है। अब तक हम क्रमशः 51, 121 और 251 कन्याओं के हाथ पीले कर चुके हैं। अब मेरा अगला लक्ष्य 501 कन्याओं का निःशुल्क सामूहिक विवाह कराना है।” उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले हजारों कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

विदाई के भावुक क्षण: भाई की तरह नम आँखों से किया विदा
विवाह की रस्में पूरी होने के बाद विदाई का दृश्य अत्यंत भावुक था। सतीश सिकरवार ने एक बड़े भाई की तरह अपनी बहनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और उन्हें गले लगाकर विदा किया। 51 सजी-धजी गाड़ियों में बैठकर जब बहनें अपनी ससुराल के लिए रवाना हुईं, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम थीं।
आयोजन की मुख्य झलकियाँ:
- 40 हजार से अधिक लोगों के लिए शाही भोज की व्यवस्था।
- तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह शहरकाजी ने अपनी रस्मों से पूरा कराया।
- दहेज में मिला सब कुछ: सोने का मंगलसूत्र, चांदी के जेवर, फ्रिज, एल.ई.डी, गैस-चूल्हा और गृहस्थी का संपूर्ण सामान।
- जनकपुरी परिसर में रॉयल कार के साथ सेल्फी लेने का क्रेज युवाओं में दिखा।





