जीआरएमसी में 80वें स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक सम्मानित, 80 साल के सफर पर प्रस्तुत हुआ प्रजेंटेशन

ग्वालियर01अगस्त2026 गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) के स्मार्ट क्लास रूम में शनिवार को 80वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रथम अधिष्ठाता डॉ. भगवत सहाय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की।

वरिष्ठों ने सुनाए जीआरएमसी के किस्से, नए विद्यार्थियों को दिया सेवा का मंत्र

समारोह में जयारोग्य अस्पताल समूह के पूर्व अधीक्षक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएम तिवारी ने कहा कि इस ऐतिहासिक महाविद्यालय से अध्ययन करना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि संस्थान के भौतिक विकास के साथ-साथ इसका आध्यात्मिक विकास होना भी बेहद जरूरी है। इस अवसर पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों और पूर्व छात्रों ने जीआरएमसी से जुड़े अपने पुराने अनुभवों को साझा किया और नवप्रवेशित विद्यार्थियों को निस्वार्थ सेवा भाव के साथ चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की सीख दी।

डीन बोले- जल्द बदलेगा केआरएच और हॉस्टल का स्वरूप

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डीन प्रो. डॉ. आरकेएस धाकड़ ने संबोधन में कहा कि जीआरएमसी से निकले चिकित्सक आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाने का संकल्प पूरा हो गया है और एनएमसी ने बिना कॉलेज निरीक्षण के ही एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 250 करने की अनुमति दे दी है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के निर्देश पर अन्य विकास प्रस्ताव भी भेजे गए हैं, जिन्हें जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए आधुनिक मशीनें आ चुकी हैं और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग को भी स्वीकृति मिल गई है, जिससे जल्द ही केआरएच और हॉस्टलों का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा।

80 साल के सफर का प्रजेंटेशन और वरिष्ठों के अनुभव

समारोह के दौरान पीजी छात्र डॉ. प्रवेश सिंह भदौरिया ने जीआरएमसी की 80 वर्षों की विकास यात्रा पर एक विशेष प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। अनुभव साझा करते हुए डॉ. दीपिका चाकणकर ने विद्यार्थियों को अर्जुन की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। डॉ. अशोक मिश्रा ने अपने छात्र जीवन के छात्रसंघ चुनाव और मांगों को लेकर की गई भूख हड़ताल के संस्मरण सुनाए। डॉ. एसके शर्मा और डॉ. एके भल्ला ने जीआरएमसी की गौरवशाली परंपराओं का जिक्र करते हुए सीट बढ़ोतरी के लिए डीन के प्रयासों की सराहना की। इसके अलावा डॉ. सविता भरत जैन और डॉ. बीआर श्रीवास्तव ने भी सेवा भाव से कार्य करने का संदेश दिया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक और स्टाफ सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्टाफ को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. वृंदा जोशी, डॉ. अजय गौर, डॉ. अमित निरंजन, डॉ. नीलिमा टंडन, डॉ. रवि अंबे, डॉ. सार्थक जुगलान, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. अवधेश दिवाकर, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. प्रवेश सिंह भदौरिया और डॉ. विथिका दुदावत शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवेश सिंह भदौरिया व डॉ. विथिका दुदावत ने किया, जबकि स्वागत भाषण डॉ. योगेंद्र वर्मा ने दिया और आभार प्रदर्शन सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की अधीक्षक डॉ. नीलिमा टंडन द्वारा किया गया। इस मौके पर जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, डॉ. भरत जैन, डॉ. दिलीप कोठारी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा, सचिव डॉ. अनुराग चौहान और जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआराम गुर्जर सहित भारी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।

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