ग्वालियर01जुलाई2026। बाल भवन स्थित टीएलसी में महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई और कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, मुनीष सिकरवार, अपर आयुक्त वित्त अरविंद शर्मा सहित मेयर इन काउंसिल के सदस्य अवधेश कौरव, विनोद यादव माठू, नाथूराम ठेकेदार, गायत्री सुधीर मंडेलिया, मोनिका मनीष शर्मा, प्रेमलता जैन और शकील मंसूरी सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सड़कों के कायाकल्प और विकास कार्यों को बड़ी मंजूरी
बैठक में शहर की यातायात और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़े निर्णय लिए गए। इसके तहत ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग क्रमांक 02 पर एम.-30 ग्रेड सी.सी. सड़क निर्माण कार्य के लिए अतिरिक्त अनुमापन राशि 4,30,84,295.49 करोड़ रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के तत्काल पेच रिपेयर (मरम्मत) कार्य कराए जाने के निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर भी चर्चा कर वित्तीय स्वीकृति दे दी गई, जिससे शहरवासियों को जर्जर सड़कों से राहत मिल सकेगी।
एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव परिषद को भेजा
शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। ग्वालियर महानगर को आगामी दिनों में एक दिन छोड़कर (एक दिन के अंतराल पर) पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में निगमायुक्त द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। एमआईसी ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताते हुए इसे आगामी निर्णय और अंतिम स्वीकृति के लिए नगर निगम परिषद की ओर अग्रेषित कर दिया है।
दुकानों का आवंटन अब ऑनलाइन और पारदर्शी
महाराज बाड़ा स्थित पुराने नगर निगम भवन के पिछले हिस्से यानी नजर बाग मार्केट स्थित गली की दुकानों को लीज पर आवंटित करने के मामले में एमआईसी ने बड़ा कदम उठाया है। इस प्रकरण में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होने के कारण काउंसिल ने समस्त निविदाकारों की निविदाओं को स्वीकृत करने का निर्णय लिया। वहीं दूसरी ओर, राजीव आवास योजना के अंतर्गत दो हितग्राहियों के आवासों को आपसी सहमति से परस्पर परिवर्तन करने के अनुमोदन प्रस्ताव को वापस कर दिया गया और अधिकारियों को नियमों के परिप्रेक्ष्य में इसका पुनः परीक्षण कर भेजने के निर्देश दिए गए।
गार्वेज शुल्क और सौर ऊर्जा के प्रस्ताव वापस, पूरी जानकारी के साथ पेश करने के निर्देश
वित्तीय वर्ष 2026-27 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क, उपभोक्ता प्रभार और गार्वेज शुल्क की दरों की स्वीकृति से जुड़े निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। काउंसिल ने इस प्रस्ताव को परिषद के ठहराव के साथ संलग्न कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, नगरीय निकायों में बिजली का खर्च कम करने के उद्देश्य से लाई गई कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजना के लाभ से जुड़े प्रतिवेदन को भी वापस कर दिया गया। एमआईसी ने इस संबंध में अधिकारियों को पूरी और स्पष्ट जानकारी के साथ इस प्रस्ताव को दोबारा प्रस्तुत करने को कहा है।
चार अधिकारियों को समयमान वेतनमान का लाभ
प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के क्रम में भी बैठक में बड़ा फैसला हुआ। नगर निगम ग्वालियर के 04 अधिकारियों को शासन के आदेशानुसार समयमान वेतनमान का लाभ दिए जाने के संबंध में निगमायुक्त द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर चर्चा की गई, जिसके बाद एमआईसी ने इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकृति प्रदान कर दी। बैठक के अंत में शहर हित से जुड़े कुछ अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा कर त्वरित निर्णय लिए गए।





