ग्वालियर13जून2026। जिले के शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर साइबर क्राइम जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज साइबर क्राइम विंग की टीम ने फूलबाग क्षेत्र स्थित एक कोचिंग संस्थान में छात्र-छात्राओं और स्टाफ को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
इस सेमिनार में थाना प्रभारी अपराध निरीक्षक अमित शर्मा, उपनिरीक्षक धमेन्द्र शर्मा व अन्य पुलिस कर्मियों ने करीब 100 छात्र-छात्राओं को वर्तमान दौर के डिजिटल खतरों से आगाह किया।
सोशल मीडिया और डिजिटल अरेस्ट पर चर्चा
सेमीनार के दौरान निरीक्षक अमित शर्मा ने सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा पर जोर देते हुए बताया कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन न करने और बिना जांचे अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से क्या खतरे हो सकते हैं। उन्होंने वर्तमान में चर्चित ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी और ऑनलाइन गेमिंग की लत से होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महिलाओं की सुरक्षा और स्मार्टफोन के सावधानीपूर्वक उपयोग के टिप्स
उपनिरीक्षक धमेन्द्र शर्मा ने पुलिस के पास आने वाली साइबर शिकायतों के उदाहरण साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से महिला संबंधी साइबर अपराधों और उनसे बचने के कानूनी उपायों की जानकारी दी। इस अवसर पर साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
आमजन के लिए पुलिस का सुरक्षा संदेश:
- सर्च इंजन का जोखिम: कभी भी कस्टमर केयर नंबर सर्च इंजन (जैसे गूगल) से लेकर सीधे कॉल न करें, यह फर्जी हो सकते हैं।
- लिंक और फाइलें: किसी भी संदिग्ध लिंक या एपीके (APK) फाइल पर बिना जांचे क्लिक न करें।
- गोपनीयता: अपना ओटीपी (OTP) या पिन किसी के साथ साझा न करें।
- त्वरित कार्रवाई: साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
- व्हाट्सएप सेटिंग: व्हाट्सएप पर ‘ऑटो डाउनलोड’ का विकल्प बंद रखें ताकि अनचाही फाइलें डिवाइस में न आएं।
- भरोसेमंद खरीदारी: केवल अधिकृत और ट्रस्टेड ई-कॉमर्स वेबसाइटों से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें।





