ग्वालियर23जून2026 गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय और उससे संबद्ध जयारोग्य अस्पताल समूह के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। महाविद्यालय की सेंट्रल क्लीनिकल लैब (सीसीएल) को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) की आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इस बड़ी सफलता के साथ अब जीआरएमसी और जयारोग्य चिकित्सालय समूह में होने वाली विभिन्न जांचों की रिपोर्टों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिलेगी। महाविद्यालय को इसका आधिकारिक सर्टिफिकेट भी प्राप्त हो चुका है, जिससे अंचल के मरीजों को अब उच्च स्तरीय जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
मरीजों को दोबारा जांच कराने से मिलेगी मुक्ति एनएबीएल मान्यता मिलने के बाद मरीजों को देश या विदेश के अन्य बड़े अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों में दोबारा जांच कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लैब द्वारा जारी की जाने वाली सभी रिपोर्टें गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। इससे मरीजों का न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी और वे बेहतर व भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सामूहिक परिश्रम और समर्पण का परिणाम जीआरएमसी के अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग सहित अस्पताल के समस्त स्टाफ को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सभी विभागों के चिकित्सकों, तकनीशियनों और कर्मचारियों के सामूहिक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। अस्पताल की अधिकांश जांच रिपोर्टों को अब एनएबीएल की मान्यता प्राप्त हो चुकी है, जो संस्थान की गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मील का पत्थर है।





