ग्वालियर26अक्टूबर2026। शासन द्वारा जारी आदेशों और परिषद के ठहराव के विपरीत गार्बेज शुल्क वसूले जाने के विरोध में मध्य प्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री का एक प्रतिनिधिमण्डल नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी से मिला। बाल भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान चेम्बर के पदाधिकारियों ने निगम प्रशासन के समक्ष व्यापारियों की समस्याएं प्रमुखता से रखीं।
चेम्बर प्रतिनिधिमण्डल में अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल, मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव दीपक पमनानी तथा कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल शामिल रहे।
पोर्टल में हेराफेरी और गोडाउन शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति
निगमायुक्त से विस्तार से चर्चा करते हुए चेम्बर प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि गार्बेज शुल्क की शुरुआत 31 जनवरी 2020 को हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर 22 सितंबर 2023 को संशोधित किया गया था। संशोधन के बाद 1000 वर्गफुट से ऊपर की दुकानों और गोदामों पर वेयरहाउस की दरें लागू की जा रही हैं, लेकिन आरोप है कि पोर्टल में जानबूझकर हेराफेरी की जा रही है।
प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि निगम परिषद द्वारा 29 दिसंबर 2025 को गार्बेज शुल्क की दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए ठहराव क्रमांक 224 पारित किया गया था। इसके बाद निगमायुक्त के पुनर्वविचार की अनुशंसा पर परिषद ने 26 फरवरी 2026 को ठहराव क्रमांक 246 लागू किया था, जिसका पालन आज तक नहीं किया जा रहा है। इसके विपरीत, पोर्टल में वेयरहाउस की जगह अवैधानिक रूप से ‘गोडाउन’ शब्द का इस्तेमाल कर व्यापारियों और आमजन से गलत तरीके से गार्बेज शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे व्यापारिक वर्ग में गहरा रोष व्याप्त है।
निगमायुक्त का आश्वासन
व्यापारी नेताओं की बात को गंभीरता से सुनते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के आदेशों और परिषद के ठहराव के मुताबिक ही निर्णय लिया जाएगा तथा यदि किसी भी प्रकार की गलत वसूली की जा रही है, तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।





