ग्वालियर 31अगस्त2026। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (GRMC) से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। ग्वालियर-चंबल संभाग के किसी शासकीय चिकित्सीय संस्थान में पहली बार सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क हुई इस सर्जरी के बाद मरीज और डोनर दोनों की हालत स्थिर है।
65 घंटे चला जटिल ऑपरेशन, पत्नी ने दी पति को किडनी
छतरपुर निवासी 60 वर्षीय कृष्णकांत गुप्ता की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। मरीज की 55 वर्षीय पत्नी मीना गुप्ता ने पति को अपनी किडनी दान की। मेडिकल जांच, काउंसलिंग और अनुकूलता परीक्षण (कम्पैटिबिलिटी टेस्ट) पूरे होने के बाद दोनों को 29 अगस्त को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
रविवार सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ यह जटिल ऑपरेशन लगभग साढ़े छह घंटे चला और दोपहर 3 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया और यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के साथ मणिपाल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन के सहयोग से इस प्रक्रिया को पूरा किया गया।
इंफेक्शन से बचाव के लिए विशेष आईसीयू तैयार
ऑपरेशन के बाद मरीज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने के लिए अलग से विशेष आईसीयू तैयार किया गया है।
- अस्पताल में सेंट्रलाइज्ड एसी होने के बावजूद ट्रांसप्लांट मरीज के कक्ष में पृथक एसी लगाया गया है।
- मरीज के कक्ष में केवल अधिकृत चिकित्सा स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति है।
- मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर राउंड-द-क्लॉक (24 घंटे) 7 दिनों तक मरीज की सख्त निगरानी करेंगे।
परिजनों ने जताया आभार
मरीज कृष्णकांत गुप्ता के बेटे सुमित कनकने ने पूरी प्रक्रिया को आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क कराने और निर्बाध रूप से संपन्न करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय प्रबंधन, अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़, डॉ. शिवम यादव और डॉ. अंकित शर्मा का धन्यवाद किया।
चिकित्सा टीम की भूमिका और विशेषज्ञों का वक्तव्य
इस ऐतिहासिक ट्रांसप्लांट में डॉ. नीलिमा टंडन, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. शिवम यादव, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. सीमा शिंदे, डॉ. जिंदल, डॉ. नम्रता जैन, डॉ. कुशल, तथा ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर कविता व राहुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. विकास जैन ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्टाफ के तालमेल की तारीफ की और कहा कि यह अत्याधुनिक सुविधा ग्वालियर में शुरू होने के बाद रुकनी नहीं चाहिए, बल्कि नियमित रूप से जारी रहनी चाहिए।
अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने इसे पूरे संभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए सफल संचालन के लिए जनप्रतिनिधियों, शासन और पूरी मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।





