ग्वालियर16जून2026ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से ग्वालियर आए एक कंपनी इंजीनियर का करीब 10 लाख रुपये नकद से भरा सूटकेस अचानक गायब हो गया। सूटकेस में बड़ी रकम होने के कारण पीड़ित इंजीनियर बुरी तरह घबरा गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी बीजी थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर तत्काल सक्रिय हुईं और अपनी टीम के साथ कड़े प्रयास शुरू किए। पुलिस की जबरदस्त तत्परता का ही परिणाम रहा कि महज 2 से 3 घंटे के भीतर ही गुम हुए सूटकेस को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। अपना पैसा वापस मिलने के बाद पीड़ित ने राहत की सांस ली और ग्वालियर पुलिस की कार्यशैली की जमकर तारीफ की।
जिंदल कंपनी के इंजीनियर के साथ हुई थी घटना
घटना का विवरण देते हुए बताया गया कि उड़ीसा में जिंदल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत राजीव खन्ना दिल्ली से ग्वालियर के लिए ट्रेन से सफर कर रहे थे। उनके पास एक सूटकेस था, जिसमें उनकी मेहनत की कमाई के करीब 10 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद जब वे ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतरे, तब उन्हें अचानक अहसास हुआ कि उनका रुपयों से भरा सूटकेस गायब है। इतने बड़े पैमाने पर नकदी गायब होने से स्टेशन पर तनाव की स्थिति बन गई थी और पीड़ित आनन-फानन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे।
सीसीटीवी फुटेज और टीम वर्क से मिली कामयाबी
शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए जांच शुरू कर दी। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही ट्रेन में मौजूद स्टाफ और प्लेटफॉर्म पर मौजूद संदिग्धों से सघन पूछताछ की गई। पुलिस के बढ़ते दबाव और तकनीकी जांच के चलते महज कुछ ही घंटों में सूटकेस को ढूंढ निकाला गया। इस पूरी सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर और उनकी टीम की सूझबूझ व त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की जा रही है।





