ग्वालियर20अगस्त2026 ग्वालियर में औद्योगिक विकास और व्यापारिक संभावनाओं को गति देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। शहर के ‘चेम्बर भवन’ में 150 करोड़ रुपये के प्राथमिक निवेश प्रस्ताव के साथ देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) को लेकर एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के उपमहानिदेशक अनिल कुमार भारद्वाज, सहायक महानिदेशक ताबिश जावेद और एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक अनीषा श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान ज्योरथ वेंचर्स इंटरनेशनल के सीईओ प्रमोद यादव और आईकैम्प के अंशुल एस. सक्सेना द्वारा 150 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दूरसंचार विभाग और एमपीआईडीसी के अधिकारियों को सौंपे गए।
20 हजार रोजगार और 10 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य कार्यशाला को संबोधित करते हुए दूरसंचार विभाग के उपमहानिदेशक अनिल कुमार भारद्वाज ने बताया कि वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का व्यापार 636 बिलियन डॉलर (लगभग 63 लाख करोड़ रुपये) का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी महज एक प्रतिशत यानी 63 हजार करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर 30 जुलाई को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बीच इस प्रोजेक्ट का एमओयू साइन हुआ। उन्होंने बताया कि 170 एकड़ में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 10 हजार करोड़ रुपये के कुल निवेश और 20 हजार नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया गया है। ग्वालियर प्रवास के दौरान आए 30 निवेशकों ने जमीन का निरीक्षण किया है और वे करीब 3 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों से इसमें पार्टनर, सप्लायर और वैल्यू चेन पार्टनर बनने का आह्वान किया।
निवेशकों को 1 रुपये प्रीमियम पर जमीन और 50% सब्सिडी एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक अनीषा श्रीवास्तव ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट की एग्जीक्यूटिव बॉडी एमपीआईडीसी है, जिसमें राज्य सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। केंद्र सरकार से इसके लिए 493 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का पहला फेज-ए ग्वालियर के आईटी पार्क (गारमेंट क्लस्टर के पास) और फेज-बी साडा क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव है। निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए 1 रुपये प्रीमियम और 1 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से 30 साल के लिए लीज पर जमीन दी जाएगी। इसके अलावा 5 साल तक बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की छूट, 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 200 करोड़ रुपये), कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन सपोर्ट और 13 हजार रुपये ट्रेनिंग सपोर्ट दिया जाएगा। जमीन आवंटन की प्रक्रिया अगले 3-4 महीनों में शुरू होकर 1 से 2 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स की नवनिर्वाचित टीम की पहली बड़ी उपलब्धि स्वागत उद्बोधन में चेम्बर अध्यक्ष ने बताया कि नवनिर्वाचित टीम का यह पहला बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की पहली कार्यशाला चेम्बर ऑफ कॉमर्स में आयोजित होना ग्वालियर के व्यापारिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। चेम्बर टीम जब नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिली थी, तब इस कार्यशाला की रूपरेखा तैयार हुई थी। मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया और मानसेवी संयुक्त सचिव दीपक पमनानी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चेम्बर कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, पूर्व संयुक्त सचिव पीताम्बर लोकवानी, जगदीश मित्तल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और स्थानीय उद्यमी मौजूद रहे।





