ग्वालियर14मई2026: स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निगमायुक्त संघ प्रिय ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को सख्त चेतावनी दी है। बाल भवन के नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य सड़कों पर कहीं भी कचरा ठिया नजर नहीं आना चाहिए। उन्होंने नाला सफाई के कार्य को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कार्य में किसी संसाधन की कमी है या अतिक्रमण बाधक है तो तत्काल बताएं, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
दो दिन में पूर्ण होंगे डस्टबिन और डिवाइडर पुताई जैसे कार्य
बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण की चेक लिस्ट के अनुसार वार्डवार कार्यों की समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी वार्डों में डिवाइडरों की पुताई, डस्टबिन लगाने, कचरा ठियों के सौंदर्यीकरण और जल स्रोतों की सफाई का कार्य हर हाल में अगले दो दिनों के भीतर पूर्ण हो जाना चाहिए। इसके साथ ही सीटी-पीटी (कम्युनिटी व पब्लिक टॉयलेट) में आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और वहां दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है। बैठक में अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, उपायुक्त मुकेश बंसल और मुख्य स्वच्छता अधिकारी वैभव श्रीवास्तव सहित सभी क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
लापरवाही पर एक्शन: नोटिस जारी और कल होगी परेड
स्वच्छता कार्यों में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ निगमायुक्त ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। लक्ष्मण तलैया जल स्रोत की सफाई न होने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले जेडएचओ और डब्ल्यूएचओ को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए गए कि कल 15 मई को बाल भवन में इन सभी की परेड कराई जाए। इसके अतिरिक्त, वार्ड 55 के डब्ल्यूएचओ को संतोषजनक कार्य न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
स्वच्छ ग्वालियर एप से शिकायतों का त्वरित निराकरण
डिजिटल माध्यमों की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों को ‘स्वच्छ ग्वालियर एप’ पर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निराकरण समय सीमा के भीतर होना चाहिए। कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर भी साफ-सफाई बनाए रखने और कचरा संग्रहण गाड़ियों को शीघ्र खाली कराने के निर्देश संबंधित प्रभारियों को दिए गए हैं, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।





