ग्वालियर27जुलाई2026 स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन और विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासकीय अस्पतालों में उपचार के दौरान होने वाली मृत्यु के मामलों में परिजनों को दी जाने वाली निःशुल्क शव वाहन सेवा का दायरा अब बढ़ा दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार अब यह सेवा केवल जिले की सीमा तक सीमित न रहकर संभाग के अन्य जिलों और नजदीकी जिलों तक भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले की सीमा का बंधन खत्म, संभाग और पड़ोसी जिलों तक मिलेगी सुविधा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर ने व्यवस्था में किए गए संशोधन की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में निःशुल्क शव वाहन का संचालन केवल ग्वालियर जिले की सीमा के भीतर ही किया जाता था। इसके तहत जिला अस्पताल या हजार बिस्तर अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) में किसी मरीज की मृत्यु होने पर शव को केवल ग्वालियर जिले के किसी गांव या ब्लॉक तक ही ले जाने की अनुमति थी। अब शासन द्वारा इसमें बदलाव किया गया है, जिसके तहत यदि किसी मरीज की मृत्यु मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान होती है, तो शव वाहन से मृतक को उसके निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए पूरे संभाग के किसी भी जिले या संभाग से सटे पड़ोसी जिलों तक भी निःशुल्क ले जाया जा सकेगा।
टोल फ्री नंबर 155334 पर कॉल कर ले सकेंगे निःशुल्क सेवा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शासकीय अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों के शवों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार हेतु उनके घर तक पहुंचाना है। यह सुविधा केवल शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में भर्ती मरीजों की मृत्यु होने पर ही देय होगी। आवश्यकता पड़ने पर आम नागरिक निःशुल्क टोल फ्री नंबर 155334 पर कॉल करके शासकीय शव वाहन की सेवा प्राप्त कर सकते हैं।





