33 साल पुरानी जप्ती भी हुई डिजिटल: पड़ाव थाने में 1993 से अब तक के रिकॉर्ड का हुआ डिजिटलाइजेशन,बना ग्वालियर रेंज का पहला स्मार्ट ई-मालखाना

ग्वालियर। 14 अप्रैल, 2026 ग्वालियर पुलिस ने आधुनिक और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्वालियर रेंज के पहले “ई-मालखाना” एवं “पहरा प्लेटफार्म” का मंगलवार को थाना पड़ाव में भव्य शुभारंभ किया गया। आईजी ग्वालियर जोन अरविंद कुमार सक्सेना ने इस तकनीक-आधारित व्यवस्था का उद्घाटन करते हुए इसे पुलिसिंग के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

क्यूआर कोड से होगी साक्ष्यों की पहचान

अब मालखाने के पारंपरिक रजिस्टर और सामान ढूंढने की जद्दोजहद से छुटकारा मिल जाएगा। ई-मालखाना प्रणाली के तहत:

  • मालखाने में रखे हर सामान और साक्ष्य को एक यूनिक क्यूआर कोड दिया गया है।
  • वेब-बेस्ड प्रोग्राम के माध्यम से केवल एक क्लिक पर किसी भी केस की फाइल और जब्त सामान की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
  • पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है ताकि सुरक्षा और निगरानी पुख्ता रहे।

‘पहरा प्लेटफार्म’: एएसपी अनु बेनीवाल की विशेष पहल

इस पूरी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है “पहरा प्लेटफार्म”। इसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मध्य/यातायात) अनु बेनीवाल ने खुद कोडिंग के जरिए तैयार किया है। इस प्लेटफार्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगभग जीरो कॉस्ट (शून्य लागत) पर बनाया गया है।

इसकी मुख्य विशेषताएं:

  1. चेन ऑफ कस्टडी: जब भी कोई साक्ष्य मालखाने से बाहर (जैसे कोर्ट या लैब) जाएगा, तो ले जाने वाले कर्मचारी का नाम और कोर्ट ऑर्डर डिजिटल रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।
  2. भाषा: यह प्लेटफार्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करता है।
  3. सटीक रिकॉर्ड: इसमें वर्ष 1993 तक की पुरानी जप्तियों का भी डिजिटल रिकॉर्ड संधारित किया गया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी

शुभारंभ के अवसर पर आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने कहा कि तकनीक के समावेश से साक्ष्यों के रखरखाव में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने इस मॉडल को ग्वालियर रेंज के अन्य बड़े जिलों में भी लागू करने की बात कही। वहीं, एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि केस प्रॉपर्टी को ढूंढने में लगने वाले समय की बचत होगी और आमजन को त्वरित व पारदर्शी पुलिस सेवा मिल सकेगी।

इस अवसर पर डीआईजी अमित सांघी, एएसपी सुमन गुर्जर, सीएसपी रोबिन जैन और थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे, ग्वालियर पुलिस का यह डिजिटल कदम न केवल आंतरिक कामकाज को सुधारेगा, बल्कि न्यायालयीन प्रक्रिया में भी तेजी लाएगा, जिससे अंततः न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।

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