ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल का होगा कायाकल्प: ₹911 करोड़ से होगा सुदृढ़ीकरण, उप मुख्यमंत्री ने दिए जल्द काम शुरू करने के निर्देश

भोपाल/ग्वालियर | 1 अप्रैल 2026 ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) और जयारोग्य अस्पताल समूह में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल हुई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ग्वालियर और जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्वालियर के सुदृढ़ीकरण के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देकर क्रियान्वित किया जाए।

प्रथम चरण में ₹911 करोड़ का निवेश: बदलेगी ग्वालियर के अस्पताल की सूरत

बैठक में जानकारी दी गई कि ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल के उन्नयन के लिए प्रथम चरण में 911 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद अस्पताल के निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप एरिया) में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। विशेष बात यह है कि इस विस्तार के साथ-साथ ओपन स्पेस और ग्रीन एरिया में भी 7 से 8 प्रतिशत का इजाफा किया जाएगा। पूरे परिसर को एसटीपी और ईटीपी के माध्यम से ‘जीरो डिस्चार्ज कैंपस’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

ग्वालियर में प्रस्तावित प्रमुख कार्य

प्रथम चरण के मास्टर प्लान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:

  • विशाल अस्पताल भवन: 1050 बिस्तरों वाला मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय (MCH) और 600 बिस्तरों वाला स्पेशियलिटी चिकित्सालय।
  • विशेषज्ञ सेवाएं: 100 बिस्तरीय टीबी व आइसोलेशन वार्ड और 100 बिस्तरीय कैंसर अस्पताल का विस्तारीकरण।
  • अकादमिक एवं आवासीय: नया प्रशासनिक भवन, नर्सिंग महाविद्यालय, 500 बिस्तरीय नर्सिंग छात्रावास और आवासीय इकाइयां।
  • द्वितीय चरण: 1500 सीटर ऑडिटोरियम, मरीजों के परिजनों के लिए डॉर्मिटरी और सेंट्रल ड्रग स्टोर का निर्माण होगा।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज का भी होगा विस्तार

ग्वालियर के साथ ही उप मुख्यमंत्री ने जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के उन्नयन कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जबलपुर के वर्तमान 750 बिस्तरीय अस्पताल को उन्नत कर 1200 बिस्तरों तक विस्तारित किया जाएगा।

इसके साथ ही जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का विस्तार, हॉस्टल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और नए रेजिडेंशियल ब्लॉक का निर्माण भी प्रस्तावित है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों ही शहरों में ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि मरीजों को उन्नत चिकित्सा के लिए भटकना न पड़े।

बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस और एमडी बीडीसी सिबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *