ग्वालियर10अप्रैल2026। नगर निगम ग्वालियर में कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गई है। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 52 में आयोजित एक भूमिपूजन कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के कड़े रुख के बाद, निगम आयुक्त संघ प्रिय ने क्षेत्राधिकारी (क्षेत्र क्रमांक 21) एवं उपयंत्री सौरभ शाक्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मंत्री का दिखा रौद्र रूप, वीडियो हुआ वायरल
शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 52 अंतर्गत नादरिया माता मंदिर से पीपरी धाम स्कूल तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह पहुंचे थे। मंत्री के आगमन के बावजूद वहां क्षेत्राधिकारी सौरभ शाक्य सहित कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं था, और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई थी। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही को देख मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भड़क गए। उन्होंने तल्ख लहजे में निगम कमिश्नर को फोन लगाकर कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री का लहजा काफी गर्म नजर आ रहा है।
लापरवाही की लंबी फेहरिस्त
निलंबन आदेश के अनुसार, सौरभ शाक्य की लापरवाही केवल भूमिपूजन तक सीमित नहीं थी:
- CM हेल्पलाइन में लापरवाही: सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायतों को लेवल-01 पर अटेंड न करने के चलते उन्हें पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
- सड़क खुदाई पर मौन: वार्ड क्रमांक 55 में जलप्रदाय विभाग द्वारा बिना अनुमति सड़क की खुदाई की जा रही थी, लेकिन क्षेत्रीय भ्रमण न करने के कारण उपयंत्री ने इसे रोकने की कोई कार्यवाही नहीं की।
- अनुशासनहीनता: एक दिन पूर्व जानकारी होने के बाद भी भूमिपूजन स्थल से गायब रहना और प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना उनके निलंबन का मुख्य कारण बना।
बृजेश राजपूत को मिला प्रभार
निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत निलंबन अवधि में सौरभ शाक्य का मुख्यालय जनकार्य विभाग रहेगा। उनके स्थान पर क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 21 का अतिरिक्त दायित्व उपयंत्री बृजेश राजपूत को सौंपा गया है।
इस कार्यवाही से नगर निगम के गलियारों में हड़कंप मच गया है। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि जनता के कार्यों में लापरवाही और जनप्रतिनिधियों के प्रति शिष्टाचार में कमी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





