कर्ज चुकाने के लिए स्वयं के अपहरण का नाटक रचकर परिजनों से 5 लाख की फिरौती मांगने वाला युवक शिवपुरी से गिरफ्तार

ग्वालियर30सितंबर2026। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचकर परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले युवक को शिवपुरी जिले के पोहरी से सकुशल दस्तयाब कर लिया है।

क्या था पूरा मामला? फरियादी भूरा सिंह बघेल (निवासी ग्राम गिजोर्रा) ने थाना गिजोर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भतीजा राहुल बघेल 28 सितम्बर 2026 की सुबह अपनी मोटरसाइकिल से कान का इलाज कराने ग्वालियर गया था। शाम को जब उससे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उसका मोबाइल बंद मिला। काफी खोजबीन के बाद भी जब राहुल का कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके अपहरण की आशंका हुई। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 124/26 धारा 140(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

व्हाट्सएप से मांगी 5 लाख की फिरौती मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गिजोर्रा उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह धाकड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सेल और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि गुमशुदा युवक ने खुद ही व्हाट्सएप के जरिए अपने परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी।

कर्ज और वारंट से बचने के लिए रचा ड्रामा पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि राहुल ने बैंक से लोन पर मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसे उसके चाचा ने गिरवी रख दिया था। बैंक की किस्तें न चुकाने के कारण बैंक ने राहुल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसमें अदालत से उसका स्थाई वारंट जारी हुआ था और गिजोर्रा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। कर्ज और अदालती कार्रवाई के दबाव से बचने तथा पैसे ऐंठने के लिए उसने खुद के किडनैपिंग का नाटक रचा।

शिवपुरी के पोहरी से हुआ दस्तयाब 29 सितम्बर 2026 को तकनीकी सहायता और सायबर सेल की मदद से पुलिस को लोकेशन पोहरी (जिला शिवपुरी) में मिली। इसके बाद गिजोर्रा पुलिस ने थाना पिछोर और थाना पोहरी पुलिस की मदद से दबिश देकर युवक को पोहरी से बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने दोस्त अजय यादव के ट्रक से पोहरी भाग गया था और उसने खुद ही फिरौती की झूठी कहानी रची थी।

सराहनीय भूमिका इस फर्जी अपहरण का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी गिजोर्रा उपेंद्र सिंह धाकड़, प्रधान आरक्षक मुकेश, जयभारत, आरक्षक मनोज, जितेंद्र, सत्यम, पवन, धर्मवीर; थाना प्रभारी पिछोर उप निरीक्षक शिवम राजावत व उनकी टीम; सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक रजनी रघुवंशी, उप निरीक्षक विश्ववीर जाट व उनकी टीम तथा थाना प्रभारी पोहरी निरीक्षक रवि चौहान व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।

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