आबादी क्षेत्र में पटाखा बिक्री पर रोक, एसडीएम ने शुरू की जांच,फैक्ट्रियों में 18 मीटर की दूरी और ब्लास्ट वॉल अनिवार्य, गोदामों का हर 6 महीने में होगा भौतिक सत्यापन

ग्वालियर22मई2026।ग्वालियर जिले में आतिशबाजी के निर्माण, भंडारण और बिक्री को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य शासन के गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रुचिका चौहान ने विस्फोटक अधिनियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए जिले के सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को लिखित में सख्त निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लाइसेंसधारियों का हर छह महीने में अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन शुरू, गिरवाई की फैक्ट्रियों में पहुंचे एसडीएम

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला मैदान में उतर गया है। शुक्रवार को एसडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव ने टीम के साथ शहर के गिरवाई क्षेत्र में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भंडारण स्थलों (मैगजीन) और निर्माण इकाइयों में जाकर सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। एसडीएम ने संचालकों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि नियमों में रत्ती भर भी लापरवाही मिली, तो दंडात्मक कार्यवाही के साथ-साथ उनके लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द जिला कार्यालय को सौंपें।

निर्माण इकाइयों के लिए कड़े मापदंड: ब्लास्ट वॉल और दूरी अनिवार्य

नई गाइडलाइन के अनुसार, पटाखा निर्माण फैक्ट्रियों में सुरक्षा के लिहाज से कमरों की बनावट और उनके बीच की दूरी को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। विनिर्माण शेड के कमरों के बीच कम से कम 18 मीटर और फुलझड़ी निर्माण के कमरों के बीच 9 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। प्रत्येक कमरे का आकार 9 वर्गमीटर से अधिक नहीं होगा और इनमें दो दरवाजे आमने-सामने के बजाय अलग दिशाओं में होने चाहिए। इसके अलावा, कमरों के बीच ढाई मीटर ऊंची और 60 सेंटीमीटर मोटी सुरक्षा दीवार (ब्लास्ट वॉल) का होना आवश्यक है। किसी भी कमरे में 15 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री रखने पर भी पाबंदी लगाई गई है।

आबादी क्षेत्र में नहीं बिकेंगे पटाखे, दुकानों के बीच रहेगी 3 मीटर की दूरी

विस्फोटक नियम 2008 के तहत आतिशबाजी की दुकानों के लिए भी विशेष मापदंड निर्धारित किए गए हैं। अब रिहायशी या आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों के भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। दुकानें ईंट, पत्थर और कंक्रीट से बनी होनी चाहिए और दो दुकानों के बीच कम से कम 3-3 मीटर की दूरी होना आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से दुकानों में खुले बिजली के तार प्रतिबंधित रहेंगे और 15 मीटर के दायरे में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ या गैस लैंप का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी एक स्थान या बाजार में 50 से अधिक पटाखा दुकानें नहीं लगाई जा सकेंगी।

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